कंपाला: युगांडा की पुलिस ने 2 युवा महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन पर पड़ोसियों ने आरोप लगाया था कि वो समलैंगिक गतिविधियों में शामिल हैं। पुलिस प्रवक्ता जोसेफिन एंगुसिया ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी। यह 2023 में बनाए गए सख्त एंटी-होमोसेक्सुअलिटी एक्ट के तहत ज्ञात पहली ऐसी गिरफ्तारी है। यह घटना उत्तर-पश्चिमी शहर अरुआ में 18 फरवरी को हुई थी।
पड़ोसियों ने बताया कि दोनों महिलाओं को अक्सर एक-दूसरे को चूमते देखा गया था। जब पुलिस टीम वहां पहुंची, तो उन्होंने दोनों को फर्श पर रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं पिछले साल से एक साथ रह रही थीं। एक 22 साल की एंटरटेनर है और दूसरी 21 साल की बेरोजगार। पड़ोसियों ने कथित तौर पर उनकी तस्वीरें भी लीं और पुलिस को सौंपीं।
पुलिस ने बताया कि दोनों महिलाओं को बाद में पुलिस बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। अभी तक उन पर कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया है। जांच जारी है और मामला अभियोजन पक्ष को भेजा गया है। युगांडा का एंटी-होमोसेक्सुअलिटी एक्ट 2023 दुनिया के सबसे सख्त कानूनों में से एक है। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंधों को अपराध माना जाता है। इस तरह के मामलों में मौत की सजा तक का प्रावधान है।
देश में पहले से ही ब्रिटिश औपनिवेशिक काल का एक कानून है, जो प्रकृति के विरुद्ध संबंधों को दंडित करता है। अफ्रीका के कई देशों में समलैंगिकता अपराध है। युगांडा में इस कानून को कई स्थानीय लोगों ने समर्थन दिया। उनके अनुसार यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी है। लेकिन, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विदेशी सरकारों ने इसकी कड़ी निंदा की है। कई देशों ने युगांडा पर दबाव बनाया और मदद रोकने की धमकी भी दी है।
प्रसिद्ध LGBTQ नेता फ्रैंक मुगिशा ने इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कानून के जमीन पर असर की भयानक हकीकत दिखाता है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं, बल्कि ब्लैकमेल, जबरन वसूली और डर का माहौल बढ़ गया है। एलजीबीटीक्यू समुदाय में डर का माहौल है। कई कार्यकर्ता कहते हैं कि ऐसे कानून से लोग और अधिक छिपकर रहने लगते हैं और उनका शोषण होता है।
यह भी पढ़ें:
ओहायो के एक फार्म में लगी भयानक आग, करीब 6000 जानवरों की हुई मौत; मीलों दूर तक दिखा धुएं का गुबारसंपादक की पसंद